Asked by
A_nick_only
in
Addiction
at
1:06 PM on March 13, 2009
Glidor .'s Answer
आ ज़रा दिल का दर्द बढा कर देखते हैं
तेरी तस्वीर एक पूरानी उठाकर देखते हैं
सुना है वो बड़ा रहीमो-करीम है यारों
उसको एक आवाज़ लगा कर देखते हैं
वो कहते हैं की माज़ी लौटता है एक दिन
आ अपने माज़ी को हम बुलाकर देखते हैं
(माज़ी-इतिहास)
डूबता जाता हूँ उन मासूम आँखों में कहीं
उसमें साहिल भी होगा कहीं आ देखते हैं
ये मर्जे इश्क है और नाज़ुक मिजाज़ तेरा
हज़रते इश्क नश्तर से दिल उठाकर देखते हैं
(नश्तर-चाकू )
है हौसला खुद को क़त्ल करने का तो आइये
उस शोख से ज़रा नज़रे मिला कर देखते हैं
ये किसकी जुल्फों से यूँ टपका था पानी
के बादल भी सर अपना झुकाकर देखते हैं
रंगत उस काफिर की क्या कहूं मैं खुदा
चाँद तारे भी जिसे शरमाकर देखते हैं
खुशबुएँ कितनी ज़ज्ब उन जुल्फों मैं हैं
के फूलों को गुलशन बुलाकर देखते हैं
(ज़ज्ब-घुली हुई )
खुद को मिटा शकील तो वो मिले कहीं
आ बूंद को दरिया मैं गिराकर देखते हैं
author : shakeel ahmed
Answered at
8:23 AM on March 15, 2009
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